ममता बनर्जी के बयान पर हंगामा, देशद्रोह का मुकदमा और गिरफ्तारी की मांग
सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके खिलाफ सिलीगुड़ी के साइबर क्राइम थाने में देशद्रोह की एक नई शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत वकील रिंकी सिंह चटर्जी ने दर्ज कराई है। उनका दावा है कि वे ममता बनर्जी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर 8 जून को कोलकाता हाई कोर्ट में एक याचिका भी दायर करने जा रही हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी लगभग दस दिन पहले चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में वे ममता बनर्जी के खिलाफ साइबर थाने में शिकायत कर चुकी हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप
इस ताजा विवाद की शुरुआत बीते 2 जून को कोलकाता के रानी रासमणि रोड पर हुए एक विरोध प्रदर्शन से हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी ने बांग्लादेशी नागरिक उस्मान हादी की हत्या का मुद्दा उठाया था। उन्होंने इस मामले में सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। ममता बनर्जी का दावा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर ही एक सोची-समझी रणनीति के तहत बांग्लादेश में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है।
देश की छवि और हिंदुओं की सुरक्षा पर खतरा
वकील रिंकी सिंह चटर्जी का कहना है कि ममता बनर्जी के ये आरोप पूरी तरह से झूठे और बेबुनियाद हैं। उनका मानना है कि ऐसे देश विरोधी बयानों से न सिर्फ भारत और बांग्लादेश के आपसी रिश्तों में तनाव पैदा हो रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की छवि को गहरा नुकसान पहुंच रहा है। इसके साथ ही शिकायत में यह बड़ी चिंता भी जताई गई है कि इस तरह के संवेदनशील और भड़काऊ बयानों के कारण पड़ोसी देश बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। इसी वजह से उन्होंने साइबर क्राइम थाने में देशद्रोह की धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया है।
