मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर जंक्शन पर रेल यात्रियों के कीमती मोबाइल फोन पर हाथ साफ करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का रेल सुरक्षा बल (RPF) ने भंडाफोड़ किया है। 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत की गई इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने दो शातिर चोरों को दबोच लिया, जिनके पास से लाखों रुपये के मोबाइल बरामद हुए हैं।


मुजफ्फरपुर जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा': मोबाइल चोर गिरोह के दो शातिर गिरफ्तार

रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम को यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। पकड़े गए आरोपियों में से एक अररिया (बिहार) और दूसरा पश्चिम बंगाल का निवासी है।

प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बिछाया जाल

गुप्त सूचना के आधार पर आरपीएफ की टीम ने जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर घेराबंदी कर एक पेशेवर अपराधी और उसके साथ एक किशोर को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा। जब इनकी तलाशी ली गई, तो उनके पास से 2.50 लाख रुपये की कीमत के कुल 6 मोबाइल फोन बरामद हुए। इनमें पांच आधुनिक टचस्क्रीन स्मार्टफोन और एक कीपैड फोन शामिल है।

भीड़भाड़ का फायदा उठाकर करते थे वारदात

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि वे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ और उनकी लापरवाही का फायदा उठाकर पलक झपकते ही जेब से मोबाइल उड़ा लेते थे। पुलिस को अंदेशा है कि यह गिरोह न केवल मुजफ्फरपुर बल्कि उत्तर बिहार की कई प्रमुख ट्रेनों में भी सक्रिय था।

मुख्य आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास

आरपीएफ मुजफ्फरपुर के प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी रिंकू कुमार (निवासी अररिया) एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से ही:

  • बेगूसराय, कटिहार और पटना जीआरपी में चोरी के मामले दर्ज हैं।

  • इसके अलावा वह एनडीपीएस एक्ट (नशीले पदार्थ) के तहत भी कई गंभीर केसों में नामजद है।


नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर रेल पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों और चोरी के मोबाइल खरीदने वाले 'रिसीवर्स' की तलाश में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुजफ्फरपुर जंक्शन को अपराध मुक्त बनाने के लिए निगरानी और गश्त और तेज कर दी गई है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी सलाखों के पीछे होंगे।