इस्लामाबाद में सख्त लॉकडाउन, सड़कों पर पसरा सन्नाटा
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद इन दिनों कूटनीतिक हलचलों और सख्त सुरक्षा घेरे के कारण पूरी तरह ठहर सी गई है। पिछले एक सप्ताह से जारी सुरक्षा लॉकडाउन ने आम नागरिकों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की संभावित वार्ता को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर शहर के मुख्य रास्तों को अवरुद्ध कर दिया गया है और दूतावासों वाले 'रेड जोन' को किले में तब्दील कर दिया गया है।
बाजारों पर असर और नागरिकों की बेबसी
इस्लामाबाद का सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र 'ब्लू एरिया' वर्तमान में सन्नाटे की चपेट में है।
-
आपूर्ति में कमी: बाजारों और कैफे में जरूरी सामान का संकट खड़ा हो गया है।
-
यातायात ठप: सार्वजनिक बसें और परिवहन सेवाएं बंद होने से कामकाजी लोग और छात्र अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर पैदा हुई इस अनिश्चितता ने उनके जीवन की गति रोक दी है।
कुछ ही हफ्तों में दूसरा लॉकडाउन
गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों के भीतर यह दूसरी बार है जब इस्लामाबाद को पूरी तरह सील किया गया है।
-
इससे पहले 11 अप्रैल को भी अमेरिका-ईरान वार्ता के दौरान ऐसा ही लॉकडाउन लगाया गया था, हालांकि वह बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई थी।
-
पाबंदियां हटने के कुछ समय बाद, कूटनीतिक सरगर्मियां फिर से तेज होने पर शहर को दोबारा बंद करना पड़ा है।
ईरान के विदेश मंत्री का दौरा और बातचीत का सस्पेंस
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची शुक्रवार देर रात इस्लामाबाद पहुंचे। उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख, विदेश मंत्री और गृह मंत्री के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की हैं।
-
वार्ता पर संशय: अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत होगी या नहीं, इस पर अब भी धुंध छाई हुई है।
-
मध्यस्थ की भूमिका: ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि फिलहाल अमेरिका के साथ कोई सीधी मीटिंग तय नहीं है; वे पाकिस्तान के जरिए अपनी राय साझा करेंगे। दूसरी ओर, व्हाइट हाउस ने अपने विशेष दूतों को पाकिस्तान भेजने के संकेत दिए हैं, लेकिन उनकी टीम अभी इस्लामाबाद नहीं पहुंची है।
क्षेत्रीय शांति के लिए पाकिस्तान की कोशिश
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने आशा व्यक्त की है कि इस संवाद से मध्य पूर्व में तनाव कम होगा और स्थिरता आएगी। पाकिस्तान फरवरी से जारी अमेरिका-ईरान विवाद को सुलझाने के लिए एक सक्रिय मध्यस्थ की भूमिका निभाने का प्रयास कर रहा है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित बातचीत की तैयारियां पूरी हैं, बस दोनों पक्षों के रुख स्पष्ट होने का इंतजार है।