आरएमएल अस्पताल में महिला मरीज ने की आत्मदाह की कोशिश, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

नई दिल्ली: राजधानी के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में सोमवार शाम एक सनसनीखेज घटना सामने आई। यहाँ भर्ती एक महिला मरीज ने अस्पताल परिसर के गेट नंबर 6 के पास खुद को आग लगाकर जान देने की कोशिश की। गनीमत रही कि वहां मौजूद एक अन्य मरीज के तीमारदार ने तत्परता दिखाते हुए महिला को बचाया।


विवाद के बाद उठाया आत्मघाती कदम

मिली जानकारी के अनुसार, महिला पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में उपचाराधीन थी। आज दोपहर जब उसका पति उससे मिलने वार्ड में आया, तो दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हो गई। झगड़े के बाद महिला आवेश में आकर दूसरी मंजिल पर स्थित अपने वार्ड से भागते हुए नीचे आई और गेट नंबर 6 के पास आत्मदाह का प्रयास किया।

मुस्तैद नागरिक ने बचाई जान

हैरानी की बात यह रही कि जब महिला ने खुद को आग लगाई, तब वहां मौजूद अस्पताल कर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। पास ही खड़े एक अन्य मरीज के परिजन ने जैसे ही महिला को आग की लपटों में देखा, उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप कर आग बुझाई। फिलहाल महिला सुरक्षित है और अस्पताल में ही उसका इलाज जारी है।


अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और सुरक्षा में चूक

इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। घटना के बाद प्रशासन पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं:

  • निगरानी में कमी: वार्ड से निकलकर नीचे आने तक किसी भी सुरक्षाकर्मी, डॉक्टर या नर्स ने महिला को क्यों नहीं टोका?

  • सीसीटीवी की विफलता: कंट्रोल रूम में लगे कैमरों के जरिए निगरानी कर रहे कर्मचारियों को इस घटना की जानकारी समय पर क्यों नहीं मिली?

  • कर्मचारियों की भूमिका: अस्पताल परिसर के भीतर आत्मदाह जैसी कोशिश होना प्रबंधन की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।

सुरक्षा सख्त, तीमारदार परेशान

वारदात के बाद अस्पताल प्रशासन ने वार्डों की सुरक्षा बढ़ा दी है। अब केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है जिनके पास वैध पहचान पत्र है। इस अचानक बढ़ी सख्ती के कारण अन्य मरीजों के परिजनों को आवाजाही में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।