रेवाड़ी: लापता स्कूल संचालक का शव कार में मिला, पुलिस जांच में जुटी
रेवाड़ी। विकास नगर कंकरवाली के रहने वाले एक स्कूल संचालक आकाश गौड़ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी ही कार के भीतर मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। उनका शव सेक्टर-18 इलाके में सड़क के किनारे खड़ी एक कार की सीट पर बैठी हुई हालत में बरामद हुआ। इस दुखद घटना की भनक लगते ही मृतक के परिवार और स्थानीय निवासियों में कोहराम मच गया।
तीन दिनों से लापता थे स्कूल संचालक, पत्नी से हुई थी आखिरी बात
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, आकाश गौड़ बीते 18 मई को किसी आवश्यक कार्य का हवाला देकर अपने घर से रवाना हुए थे, परंतु उसके बाद वह वापस नहीं लौटे। परिजनों ने बताया कि उनकी अपनी पत्नी से अंतिम बार 19 मई को मोबाइल पर बात हुई थी। उस बातचीत के बाद से ही उनका फोन कनेटिक्ट नहीं हो पा रहा था, जिससे पूरा परिवार किसी अनहोनी की आशंका से लगातार परेशान था।
स्कूल बस से जा रहे बेटे ने रास्ते में खड़ी देखी थी पिता की कार
इस पूरे मामले में एक हैरान करने वाला मोड़ मंगलवार को आया। आकाश का बेटा जब अपने स्कूल की बस से जा रहा था, तब उसने रास्ते में अपने पिता की गाड़ी खड़ी देखी थी। उस वक्त उसे किसी गड़बड़ी का अंदाजा नहीं हुआ। हालांकि, जब वह स्कूल से पढ़कर वापस घर लौटा, तो उसने परिवार के अन्य सदस्यों को रास्ते में खड़ी कार के बारे में बताया। बेटे से इनपुट मिलते ही परिजनों ने तुरंत उस लोकेशन की ओर दौड़ लगाई।
सीट पर बेसुध मिले आकाश, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
बेटे की निशानदेही पर जब परिजन गढ़ी बोलनी रोड से सेक्टर-18 की तरफ जाने वाले रास्ते पर पहुंचे, तो उन्हें सड़क किनारे आकाश की कार मिल गई। जब उन्होंने कार के करीब जाकर अंदर झांका, तो आकाश ड्राइविंग सीट पर अचेत अवस्था में बैठे हुए थे। उन्हें इस हालत में देख घबराए परिजन तुरंत कार का दरवाजा खोलकर उन्हें नजदीकी अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस, जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम ने अस्पताल और वारदात वाली जगह का मुआयना किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कार के भीतर संदिग्ध हालत में शव मिलने के कारण पुलिस हर एंगल से इस मामले की तफ्तीश कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजहों का खुलासा हो सकेगा।