- इस माह से शुल्क देना किया बंद, शुरू किया हस्ताक्षर अभियान
गाजियाबाद। मोरटा स्थित मोती रेजीडेंसी में मेंटीनेंस शुल्क बढ़ाने का लोग विरोध कर रहे हैं। लोगों ने इस माह से मेंटीनेंस शुल्क देना भी बंद कर दिया है। साथ ही बढ़ा शुल्क वापस लेने के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया है।
निवासी शोभित मिश्रा का आरोप है कि बिना किसी सूचना, सहमति या वैधानिक आधार के मेंटीनेंस शुल्क में मनमानी बढ़ोतरी की गई है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के आदेशों के बावजूद अनिवार्य सुविधाएं अब तक पूरी नहीं की गईं और सेवाओं की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है। अभी तक पूर्णतया प्रमाण पत्र अभी तक नहीं दिया है। इस कारा एओए का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है। 2022 में डेढ़ रुपये से बढ़ाकर मेंटीनेंस शुल्क 1.85 पैसे प्रति वर्ग मीटर किया गया था। बाद में मल्टीपल बिजली कनेक्शन लगने पर दाम घटाकर एक रुपये 60 पैसे कर दिया गया और अब दो रुपये कर दिया गया। जिससे लोगों में रोष है।

रीता मिश्रा का कहना है कि मल्टीपल कनेक्शन के बाद सोसायटी का बिल कम हो जाता है। जिससे खर्चा कम होता है फिर शुल्क बढ़ाने का क्या मतलब है। हम बढ़ा शुल्क नहीं देंगे। निवासी अमित मिश्रा, अमित सिंह, ए.के. शर्मा, शोभित मिश्रा, बी.के. शर्मा, अखिलेश कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि भारी मेंटीनेंस वसूली के बावजूद खर्च का कोई पारदर्शी विवरण नहीं दिया जा रहा। जीएसटी रसीदें उपलब्ध नहीं कराई गईं। साथ ही, फेज-1 अधूरा होने के बावजूद फेज-2 की स्वीकृति प्रक्रिया शुरू करने पर भी कड़ी आपत्ति जताई। लंबे समय से बिल्डर और संबंधित सरकारी अधिकारियों द्वारा शिकायतों पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण उन्हें हस्ताक्षर अभियान शुरू करना पड़ा है। इस अभियान के तहत बड़ी संख्या में टेकमैन बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ निवासियों के हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं, जिन्हें जल्द ही उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को भेजा जाएगा ताकि आवश्यक कार्रवाई हो सके और निवासियों के मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

 13 सालों के बाद दाम बढ़ाए गए हैं। बीच में शुल्क बढ़ाए जाने की बात झूठी है।
नीरज मिश्रा, मेंटीनेंस इंचार्ज, मोती रेजीडेंसी मोरटा,