बंगाल में सियासी बवाल, सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ TMC का विरोध प्रदर्शन
कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के दौरान आज राज्य के विभिन्न हिस्सों से तनाव और झड़प की खबरें सामने आ रही हैं। 142 सीटों पर हो रहे इस मतदान में दोपहर 1 बजे तक 61.11% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।
भवानीपुर में हाई-वोल्टेज ड्रामा: सुवेंदु अधिकारी को घेरा
हाई-प्रोफाइल सीट भवानीपुर से भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी जब एक पोलिंग बूथ का जायजा लेने पहुंचे, तो उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेरकर "चोर-चोर" और "जय बांग्ला" के नारे लगाए।
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आरोप: सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि विरोध करने वाले लोग स्थानीय निवासी नहीं, बल्कि बाहरी असामाजिक तत्व थे।
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कार्रवाई: स्थिति बिगड़ती देख सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) किया।
विभिन्न क्षेत्रों में हिंसक झड़पें और तनाव
मतदान के दौरान राज्य के कई अन्य जिलों से भी हिंसा की खबरें मिली हैं:
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खानाकुल: रामचंद्रपुर आदर्श विद्यालय के बूथ नंबर 147 और 148 पर भाजपा और टीएमसी के पोलिंग एजेंटों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सुरक्षा बलों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला।
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नादिया: हाटरा बाजार इलाके में टीएमसी और आईएसएफ (ISF) कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक भिड़ंत हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया।
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चापरा: यहाँ से कांग्रेस उम्मीदवार ने टीएमसी समर्थकों पर वोटरों को डराने-धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है।
वोटिंग ग्राफ: हुगली सबसे आगे
चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मतदान की गति काफी तेज है:
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हुगली: 64.57% (सर्वाधिक मतदान)
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हावड़ा: 60.68%
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कुल औसत (1 PM तक): 61.11%
टीएमसी के लिए 'लिटमस टेस्ट'
2026 के इन चुनावों में यह दूसरा चरण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी के लिए साख की लड़ाई माना जा रहा है, क्योंकि ये 142 सीटें दक्षिण बंगाल और कोलकाता जैसे टीएमसी के गढ़ों में आती हैं। भांगर जैसे अति-संवेदनशील इलाकों में एनआईए (NIA) और केंद्रीय बलों की पैनी नजर है।