हम-तुम खुद ठीक कराने के लिए लोग इकट्ठा कर रहे चंदा
- प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण उठा रहे कदम
- गड्ढे भरने में फिलहाल लगेंगे 30 हजार रुपये, 25 हजार जुटाए
गाजियाबाद। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से परेशान होकर अब हम-तुम रोड के निवासियों ने खुद ही चंदा इकट्ठा करके सड़क बनाने का अभियान शुरू कर दिया है। गड्ढे भरने में 30 हजार रुपये खर्च होंगे। जिसके लिए शनिवार शाम तक 25 हजार से अधिक पैसे इकट्ठे हो गए।
हम तुम रोड पर सात सोसायटियां, स्कूल और कई प्रतिष्ठान भी हैं, लेकिन सालों से यहां की खराब सड़क से लोग परेशान हैं। वह अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पास चक्कर लगा-लगाकर थक चुके हैं। प्रशासनिक लापरवाही से निराश हो चुके लोग अब रविवार से सड़क बनवाने जा रहे हैं। इसके लिए लोगों ने हम-तुम फोरम भी बना रखा है। जिसके बैनर तैलर दो साल से अभियान चलाने के बाद भी सड़क नहीं बन सकी। अब लोगों ने चंदा इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। फोरम के सदस्य मुरारी लाल ने बताया कि किसी लोग स्वेच्छा से धनराशि दे रहे हैं। किसी से कोई निर्धारित शुल्क नहीं लिया जा रहा है। किसी ने पांच सौ, किसी ने हजार रुपये की धनराशि चंदे में दी है। दो दिन में सड़क का निर्माण कर दिया जाएगा, लेकिन अब हम वोट नहीं करेंगे। जिन जनप्रतिनिधियों को वोट देते हैं, वहीं लोगों के लिए गंभीर नहीं है। वीसी ने मरम्मत के लिए साफ इंकार कर दिया, यह बेहद दुखद है। फोरम सदस्य अनिल शर्मा ने बताया कि जिले के विकास के लिए सांसद निधि, विधायक निधि, पार्षद निधि, अवस्थापना निधि, वित्त आयोग का पैसा आता है। इसके अलावा नगर निगम और जीडीए टैक्स व अन्य सुविधाओं से शुल्क लेता है। विकास के लिए विभागों और जनप्रतिनिधियों के पास भरपूर धनराशि होती है, उसके बावजूद सड़क बनना तो दूर उसकी मरम्मत नहीं कराई जा रही। यह देश का दुर्भाग्य है। एक तरफ विकसित भारत की बात हो रही है, दूसरी ओर एक छोटी से 1.7 किमी की सड़क की मरम्मत तक नहीं हो पा रही है। हम खुद ही इसे बनवाएंगे। जीडीए के मीडिया प्रभारी रुद्रेश शुक्ला का कहना है कि पहले यह सड़क पीडब्ल्यूडी के अंडर में थी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जब हमें यह मिली, तबसे भूमिग्रहण के प्रयास तेजी से जारी हैं। हम बोर्ड बैठक में प्रस्तुत करने के बाद काम शुरू हो जाएगा, हालांकि तब तक मरम्मत की बात उन्होंने टाल दी।