अब जिलाधिकारी कर सकेंगे स्कूलों की मान्यता रद्द
गाजियाबाद। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं देने वाले निजी स्कूलों की इस बार खैर नहीं है। ऐसे लापरवाह स्कूलों की मान्यता रद्द करने का अधिकार अब जिलाधिकारी को मिल गया है। इससे पहले मान्यता प्रत्याहरण के लिए शासन को संस्तुति की जाती रही है।
आरटीई के तहत दाखिले की प्रक्रिया एक दिसंबर से शुरू होने जा रही है। इसके लिए जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा। इसकी बैठक प्रत्येक 15 दिनों और आवश्यकतानुसार आयोजित की जाएगी। इसके लिए 11 सदस्यों की टीम बनाई जाएगी। जिसमें जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) और मुख्यालय के खंड शिक्षा अधिकारी शामिल रहेंगे। इसके साथ ही आवेदन और चयन प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न होने वाले मुद्दों के निस्तारण के लिए चार सदस्यीय विवाद समाधान समिति गठित की जाएगी। जो क्रियान्वयन से लेकर दाखिले की प्रक्रिया पूरी होने तक क्रियाशील रहेगी। इसमें मुख्य विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित मुख्यालय के खंड शिक्षा अधिकारी शामिल रहेंगे।
इस बारे में बेसिक शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश यादव का कहना है कि एक दिसंबर से आरटीई के दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस बार छह स्कूलों ने एक भी बच्चे को दाखिला नहीं दिया। उन्हें कई बार नोटिस भेजे गए। शासन स्तर पर इन स्कूलों की मान्यता रद्द करने की संस्तुति की गई, मगर यह स्कूल झूठी बयानबाजी करके बचते रहे। अब को जिलाधिकारी मान्यता रद्द करने का अधिकार मिल गया है। कमेटी में प्रस्ताव पास करके जिले स्तर पर ही मान्यता रद्द की जा सकेगी। इस आदेश के बाद इस बार कोई स्कूल दाखिला देने में आनाकानी नहीं कर सकेगा। जिन बच्चों को अभी तक स्कूलों की मनमानी की वजह से प्रवेश नहीं मिल पाया है, उन्हें दाखिला दिलाया जाएगा। जिन अभिभावकों ने मनचाहा स्कूल नहीं मिलने की वजह से प्रवेश नहीं दिलाया। उन्हें दोबारा आवेदन करना होगा।
विवाद की अंतिम सुनवाई डीएम के पास होगी
1- विवाद समाधान समिति का कार्यकाल प्रवेश प्रक्रिया की अवधि के लिए होगा यानी यह प्रवेश प्रक्रिया की घोषणा से लेकर प्रक्रिया पूर्ण होने तक कार्य करेगी।
2- किसी भी विवाद पर एक सप्ताह के अंदर निर्णय लेना होगा।
3- पीड़ित पक्ष के निर्णय से संतुष्ट नहीं होने पर अंतिम अपील जिलाधिकारी के पास होगी।
4-विवाद समाधान समिति को प्रत्येक सप्ताह बैठक करनी होगी और रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपनी होगी।
अब जिला स्तर पर होंगे समायोजन और स्थानांतरण
गाजियाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग में अब शिक्षकों के समायोजन और हस्तातंरण जिला स्तर पर किए जाएंगे। इसके लिए जिलाधिकारी के स्तर पर कमेटी गठित फैसला करेगी। इसके साथ ही एकल विद्यालयों में जल्द शिक्षकों का स्थानातंरण किया जाएगा। जिसके लिए एकल स्कूलों की सूची मांगी जा रही है।