हिंडन के मोक्षधाम पर सीएनजी के जरिए होगा अंतिम संस्कार
गाजियाबाद। अब हिंडन स्थित श्मशान घाट पर सीएनजी के जरिए अंतिम संस्कार किया जा सकेगा। इसके लिए तीन शवदाह गृह केंद्र बनाए जा रहे हैं। जिनका निर्माण कार्य जल्द पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही श्मशान घाट का सौंदर्यीकरण भी किया जा रहा है, जिसका काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री के प्रदेश के श्मशान घाटों के सौंदर्यीकरण की घोषणा के बाद शासन से इसका बजट जारी हुआ है।
इस संबंध में नगर निगम के सिटी जोन के अधिशासी अभियंता एसपी मिश्र का कहना है कि श्मशान घाट के लिए सौंदर्यीकरण के लिए तीन करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जिसका काम शुरू हो गया है, इसके जल्द पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद सीएनजी के जरिए अंतिम संस्कार होने लगेंगे। यह पर्यावरण के लिहाज से काफी बढि़या हैं, साथ ही इसमें समय की बचत भी होगी।
इसके साथ ही घाट पर गेट बनाया जाएगा। शिव मंदिर का निर्माण भी कराया जाएगा और उसके आसपास हरियाली करके फाउंटेन लगाया जाएगा। प्रार्थना सभा के लिए अलग से स्थान बनाया जा रहा है। इसके साथ ही दाह संस्कार और धार्मिक पूजन के स्थल का भी विस्तार किया जा रहा है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के सभी श्मशान घाटों को सुंदर बनाने की सरकार की योजना चल रही है, जिसके तहत पूरे प्रदेश में यह काम किए जा रहे हैं।
42 में से 22 जगहों पर जलाए जा रहे शव
इस संबंध में हिंडन नदी स्थित मोक्षधाम में अंतिम क्रियाकर्म कराने वाले आचार्य के नाम से प्रसिद्ध मनीष शर्मा कहते हैं कि पहले यहां 42 स्थानों पर शव जलाने की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन अब निर्माण कार्य के चलते केवल 22 जगह पर ही शव जलाए जा रहे हैं। जिसके बारे में निगम ने जगह-जगह नोटिस भी लगाए हैं। सभी को 24 घंटे के अंदर ही फूल चुनने के लिए कहा गया है, ताकि अन्य किसी को परेशानी न हो। कुछ लोग मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को फूल नहीं चुनते हैं, लेकिन उनसे भी अपील की जा रही है कि वह 24 घंटे के अंदर अस्थियां ले जाएं अन्यथा शव लेकर आने वालों को परेशानी होती है। कई बार लोग जगह न होने पर झड़प करते हैं।
कोरोनाकाल से खराब पड़ी है विद्युत शवदाह की मशीन
यहां दुकान चलाने वाले लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च करके निगम की ओर से लगाई गई विद्युत शवदाह की मशीन कोरोनाकाल से ही खराब पड़ी है। कुछ समय यह चली, उसके बाद खराब हो गई। इसके इंचार्ज विकास का कहना है कि बीच में यह ठीक हो गई थी, यह सोलर पैनल से चलती है, लेकिन अभी हाल ही आई तेज आंधी के कारण सोलर पैनल का संपर्क ग्रिड से टूट गया, तबसे ही खराब है। उनका कहना है कि वैसे धार्मिक मान्यता के कारण यहां कोई अंतिम संस्कार कराने नहीं आता है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता एसपी मिश्र का कहना है कि इसे जल्द ही ठीक कराया जाएगा।