- गलती पर नहीं होगी जेल, पर बार-बार गलती पर झेलना पड़ेगा भारी आ​​र्थिक नुकसान

- पहली पर एक लाख, दूसरी पर दो लाख और तीसरी गलती पर पांच लाख तक का जुर्माना लगेगा

गाजियाबाद। दुकानदारों या व्यापारियों के यहां अब कोई गड़बड़ी मिलने पर पहले सुधार का नोटिस दिया जाएगा। सुधार नहीं करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। जनविश्वास बिल के तहत अब यह नई व्यवस्था सभी विभागों में एक मई से लागू हो गई है। इस नई व्यवस्था से जिले के 23 हजार से अधिक व्यापारी प्रभावित होंगे।
माप विधिक विज्ञान विभाग में अभी उपकरणों के पंजीकरण, नवीनीकरण, उत्पाद पर कोई कमी होने पर अभी तक तीन बार नोटिस भेजा जाता था, इसके बाद जुर्माना के साथ जेल का प्रावधान था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत कोई कमी मिलने पर पहले इप्रूवमेंट नोटिस भेजा जाएगा। उसके बाद दुकानदार या व्यापारी की ओर से सुधार नहीं किए जाने पर पहले एक लाख, दूसरी गलती पर दो लाख और तीसरी गलती पर पांच लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा। अब जेल जाने का प्रावधान खत्म करके जुर्माने का प्रावधान किया जा रहा है। इस बारे में वरिष्ठ निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह का कहना है कि जनविश्वास बिल के तहत अब केवल भारी जुर्माना लगेगा। यह एक मई से सभी विभागों में लागू हो गया। अभी जिले में 23289 व्यापारी पंजीकृत हैं। शहर में इनकी संख्या 9020, मोहननगर जोन में 10006, मोदीनगर जोन में 4263 है। इसका मकसद जेल से राहत देकर भारी जुर्माना लगाना है। यह उपभोक्ताओं और व्यापारियों पर बड़ा प्रभाव डालेगा। इससे रेलवे, आबकारी, खाद्य आपूर्ति, बैंक आदि विभागों से जुड़े उपभोक्ता व व्यापारियों पर असर पड़ेगा।