अमृतसर। भारत-पाक सीमा के पास स्थित खासा आर्मी कैंप के बाहर मंगलवार देर रात हुए आईईडी धमाके के मामले में सुरक्षा एजेंसियों के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ के आधार पर इस साजिश की परतों को खोलने की कोशिश की जा रही है।

सीसीटीवी फुटेज से खुले राज, संदिग्धों की पहचान जारी

धमाके की गुत्थी सुलझाने के लिए पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने जालंधर से अमृतसर तक ऑपरेशन तेज कर दिया है। अब तक करीब 720 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है।

  • अमृतसर: खासा कैंप के पास जांच में सामने आया कि पकड़े गए दोनों युवक धमाके से ठीक 15 मिनट पहले (रात 10:30 से 10:45 के बीच) कैंप के आसपास संदिग्ध हालत में घूम रहे थे। 11 बजे धमाका होने के बाद से ही पुलिस उनकी तलाश में थी।

  • जालंधर: यहां हुए विस्फोट की जांच का दायरा फगवाड़ा तक पहुंच गया है। पुलिस ने शहर के प्रवेश और निकास द्वारों सहित संवेदनशील इलाकों के 600 से अधिक कैमरों की रिकॉर्डिंग कब्जे में ली है।


टेक्निकल सर्विलांस और फोरेंसिक जांच

जांच एजेंसियां केवल कैमरों तक सीमित नहीं हैं। पुलिस ने मोबाइल टावर डंप उठाकर संदिग्ध नंबरों की कॉल डिटेल (CDR) और सोशल मीडिया गतिविधियों की पड़ताल शुरू कर दी है। मौके से मिले विस्फोटक के अवशेषों की शुरुआती जांच से पता चला है कि यह कम तीव्रता वाला आईईडी था, जिसका मकसद दहशत फैलाना हो सकता है। हालांकि, एजेंसियां किसी बड़ी साजिश के पहलू को भी नकार नहीं रही हैं।


सीमावर्ती इलाकों में 'हाई अलर्ट'

धमाकों के बाद पंजाब के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। अमृतसर (देहाती) के एसएसपी सुहेल मीर ने बताया कि सेना और बीएसएफ कैंपों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। रात के समय विशेष चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।