आधार बॉयोमैट्रिक अपडेट में गाजियाबाद प्रदेश में 50वें नंबर पर
गाजियाबाद। बच्चों के आधार में मैनडेटरी बॉयोमैट्रिक अपडेट में जिला प्रदेश में 50वें नंबर पर है। जिसके लिए हाल ही में लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कड़ी फटकार लगी है। अब त्योहारों के बाद प्रतिदिन स्कूलों में कैंप लगाए जाएंगे।
निजी और सरकारी सभी स्कूलों के बच्चों के आधार बनाने के साथ एमबीयू (मैनडेटरी बॉयोमैट्रिक अपडेट) किए जाने अनिवार्य है। जिसका काम जल्द से पूरा किया जाना है। इसमें पांच से 15 साल तक के बच्चे का एक वर्ग एमबीयू-1 और 15 साल से ऊपर के बच्चे का दूसरा वर्ग एमबीयू-2 बनाया गया है, लेकिन दोनों ही वर्गों में यह काम जिले में काफी धीमी गति से चल रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के पास आधार के लिए सात मशीनें हैं। जिसमें से दो खराब पड़ी हैं और दो काफी स्लो चल रही हैं। इसके साथ खंड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालय में प्रतिदिन आधार की मशीनें रेगुलर न चलने से काम प्रभावित हो रहा है।
विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार जिले में पहली से 12वीं तक के सभी बोर्ड के कुल सात लाख, 87 हजार 093 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इसमें एक लाख, सात हजार 514 विद्यार्थियों (5 से 15 आयुवर्ग) के मामले अभी लंबित हैं। 15 साल से उऊपर आयु वर्ग में 85, 821 विद्यार्थियों के एमबीयू अपडेट नहीं हो सके हैं। इस संबंध में जिला समन्यवक रुचि त्यागी का कहना है कि अब त्योहारों के अवकाश खत्म होते ही प्रतिदिन स्कूलों में कैंप लगाया जाएगा। इस काम को तेजी से पूरा किया जाएगा। कैंप लगाने के लिए डाक विभाग सहित आधार के नोडल अधिकारियों से भी कैंप लगाने के लिए संपर्क किया जा रहा है। बीएसए ओपी यादव का कहना है कि हम जल्द ही अपने जिले को ऊपरी नंबर पर ले आएंगे।
प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए अनिवार्य
प्रतियोगी परीक्षार्थियों के सत्यापन के लिए एमबीयू बहुत जरूरी है, इसलिए नवीं से 12 कक्षा के विद्यार्थियों के अपग्रेडेशन पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए 125 रुपये का शुल्क निर्धारित है।