सीडीओ के गोद लिए स्कूल पर निगम कर्मियों का कब्जा
गाजियाबाद। मुख्य विकास अधिकारी के गोद लिए जाने के बावजूद कंपोजिट विद्यालय गांधीनगर की हालत खस्ता है। इस स्कूल के कुछ हिस्से पर जहां नगर निगम के कर्मचारियों ने कब्जा कर रखा है तो वहीं दूसरी ओर इसके भवन को गिरे तीन साल हो गए, लेकिन आज तक निर्माण नहीं हो सका। इस कारण अतिरिक्त चार कक्षों में दो-दो कक्षाएं लगानी पड़ रही हैं।
गांधीनगर कंपोजिट विद्यालय में पहली से लेकर आठवीं तक कक्षाएं लगती हैं। 5000 वर्ग मीटर में फैला यह स्कूल बेहद हरा-भरा और खूबसूरत हैं। यहां के बड़े-बड़े नीम, वट के पेड़ इसकी शान हैं। यहां छोटे से खेत में मिड-डे-मील के लिए हरी सब्जियां भी उगाई जाती हैं। इस समय यहां मेथी, सरसों, पालक, धनिया आदि बो दिए गए हैं, लेकिन 247 छात्र-छात्राओं के इस स्कूल में बैठने के लिए भरपूर कक्ष नहीं हैं। यहां का मुख्य भवन तीन साल पहले गिर गया था, लेकिन फंड के अभाव में आज तक नहीं बन सका। इसे सीडीओ अभिनव गोपाल ने दो साल से गोद ले रखा है, लेकिन आज तक इसकी किस्मत नहीं चमकी। 400 वर्ग मीटर के एरिया पर अवैध मकान बनाकर नगर निगम कर्मचारियों ने कब्जा कर रखा है। आधे में टूटी बिल्डिंग खड़ी है। अतिरिक्त बनाए गए चार कक्षों में कक्षाएं लगती हैं। जिसमें एक कक्ष में दो-दो कक्षाओं के बच्चे बैठते हैं। इसमें भी एक कक्ष जर्जर है। बारिश होने जिसकी छत से इतना पानी टपकता है कि पूरा कमरा भर जाता है।इस संबंध में बीएसए ओपी यादव का कहना है कि भवन निर्माण का पूरा प्रयास किया जा रहा है। जमीन को कब्जामुक्त करने के संबंध में निगम से बातचीत चल रही है। सीडीओ अभिनव गोपाल का कहना है कि रोटरी क्लब से निर्माण के लिए बातचीत एक साल से चल रही है, लेकिन अभी तक कुछ फाइनल नहीं हुआ। फंड के लिए कई एनजीओ से संपर्क किया जा रहा है। बातचीत फाइनल होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। कब्जे वाली जमीन का केस कोर्ट में है। सब फाइनल होते ही पूरे स्कूल की जगह का खाली कराकर निर्माण होगा। फिलहाल स्कूल के शिक्षण को बेहतर बनाने और खेलकूद गतिविधियों को बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
- यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर बेसिक शिक्षा अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने पत्र लिखा है तो देखा जाएगा कि मामला क्या है। अगर ऐसा है तो जांच कराकर पता कराया जाएगा कि कबसे और किसने कब्जा कर रखा है।
जंग बहादुर यादव, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक स्कूल नासिरपुर को ले रखा है गोद, यहां लगा है कूड़े का अंबार
बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव ने प्राथमिक प्राथमिक स्कूल नासिरपुर को गोद ले रखा है, लेकिन यहां के खेल का मैदान अभी तक विकसित नहीं हो पाया है। बारिश होते ही इसमें पानी भर जाता है और उबड़खाबड़ होने की वजह से बच्चे खेल नहीं पाते हैं। इसके साथ ही यहां पिछले कई दिनों से कूड़े का ढेर लगा हुआ है। जिसे आज तक उठाया नहीं गया है। स्कूल के प्रधानाचार्य हामिद सैफी का कहना है कि कई बार निगम कर्मियों से कहा, लेकिन कूड़ा नहीं उठाया। इसे जल्द उठवाने का प्रयास किया जा रहा है। बीएसए का कहना है कि जल्द ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी।
जिले और ब्लॉक स्तर पर कमेटी है गठित
स्कूलों के निरीक्षण के लिए जिले और ब्लॉक स्तर पर कमेटियों का गठन किया गया है। जिले की टीम में 12 और ब्लॉक में 8 सदस्यों की टीम होती है। जिसमें डीएम, सीडीओ, डीआईओएस, डीपीओ, डीडीओ, डीआरडीए, डीपीआरओ, सीएमओ, डिप्टी सीएमओ, डीएसडब्ल्यूएओ, डीसी, एसडीएम, बीडीओ, एडीओ आदि सहित सभी मुख्य अधिकारी शामिल होते हैं। इन्हें प्रत्येक महीने पांच-पांच स्कूलों का निरीक्षण करना होता है। जिसमें से एक स्कूल को गोद लेने को कहा गया है।
जिले के 129 स्कूलों को विभिन्न अधिकारियों ने ले रखा है गोद, मुख्य हैं...
अधिकारी गोद लिए स्कूल का नाम
जिलाधिकारी संयुक्त विद्यालय कैला बालक
अपर जिलाधिकारी (भू.अ) प्राथमिक विद्यालय सिहानी गेट
अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) प्राथमिक विद्यालय दौलतपुरा
अपर जिलाधिकारी (वि. रा) प्राथमिक विद्यालय आश्रय योजना
डिप्टी कलेक्टर (प्रथम) प्राथमिक विद्यालय बबलगढ़ी
डिप्टी कलेक्टर (द्वितीय) प्राथमिक विद्यालय मसूरी
परियोजना निदेशक प्राथमिक विद्यालय गौड़पुरम
जिला सूचना अधिकारी प्राथमिक विद्यालय मयूर विहार
जिला समाज कल्याण अधिकारी प्राथमिक विद्यालय जलालाबाद-दो
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी प्राथमिक विद्यालय दौसा-1
जिला कार्यक्रम अधिकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय, कुशलिया
मुख्य चिकित्साधिकारी संयुक्त विद्यालय, सीकरी कला
(नोट - बेसिक शिक्षा विभाग से मिली लिस्ट के अनुसार, हालांकि इस लिस्ट के अनुसार एक ही स्कूल दो-दो अधिकारियों ने गोद लिया हुआ है)