गाजियाबाद। खबरों से जानकारी मिलने के बाद शुक्रवार को राजस्थान के भीलवाड़ा से एक बाबा हरीश राणा से मिलने सोसायटी पहुंचे और अपनी दवाओं से उनकी बीमारी को दूर करने का दावा किया। उन्होंने छह घंटे तक गेट पर परिवार से मिलने का इंतजार किया। जब कोई मिलने नहीं आया तो एक पत्र भिजवाया, तब पिता अशोक राणा उनसे मिलने पहुंचे।
अशोक राणा ने बताया कि मैंने उन्हें पानी, जूस पिलाया और कहा कि वह हर तरह का इलाज कर चुके हैं। उन्होंने उन्हें खुद कई सारी जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक दवाइयों के नाम बताए। उन्होंने कहा कि वह हर तरह का इलाज करा चुके हैं। डॉक्टरों ने बताया है कि उसकी दिमाग की नसें सूख चुकी हैं। उन्होंने साधु का नंबर लिया और कहा कि कुछ इसी तरह की बीमारी से पीड़ित कई बच्चों के माता-पिता उनके टच में हैं। वह उनको बाबा के पास जरूर भेजेंगे। उन्होंने उनका नंबर ले लिया। वह कहते हैं कि पता नहीं किसकी दवा और दुआ कब लग जाए। वह अन्य माता-पिता को उनका नंबर भेजेंगे।

भीलवाड़ा में आश्रम चलाते हैं स्वामी अखंडानंद
अखंडानंद कहते हैं कि मैंने खबरों में सुना तो सेवा के लिए आयुर्वेदिक दवाएं लेकर गया। वहां पिता ने बताया कि सात साल पहले ही हरीश की सभी नसें सूख चुकी हैं। खून की सप्लाई नहीं हो रही है। खासतौर से दिमाग सबसे अधिक प्रभावित है। वह सब इलाज करा चुके हैं, हालांकि उन्होंने दावा किया अगर कोमा या लकवाग्रस्त मरीज को जल्द लाया जाए तो वह आयुर्वेदिक से ठीक हो सकता है। अभी एक माता-पिता ने 40 लाख रुपये खर्च करके बच्चे को कोमा से बाहर लाने का बहुत प्रयास किया। हमने चार दिन में कोमा से निकाल दिया। उनका कहना है कि उनका भीलवाड़ा में आश्रम है। उन्होंने आयुर्वेद में एमडी की हुई है।