अमृतसर (गुरुनगरी)। पवित्र नगरी में नकली दूध और पनीर के अवैध कारोबार के खिलाफ सोमवार को डेयरी कांप्लेक्स के संचालकों ने बेहद आक्रामक और अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया। मिलावटखोरों पर कार्रवाई न होने से नाराज दर्जनों डेयरी मालिकों ने एकजुट होकर डिप्टी कमिश्नर (डीसी) और सिविल सर्जन कार्यालय के सामने सड़कों पर करीब 80 लीटर शुद्ध दूध बहाकर प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष प्रकट किया। डेयरी संचालकों का आरोप है कि सेहत विभाग असली काम करने वालों को तंग कर रहा है, जबकि मिलावट करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं।

प्रशासन पर गंभीर आरोप, मिलावटखोरों की जगह हमें किया जा रहा परेशान

डेयरी कांप्लेक्स के अध्यक्ष कर्मजीत सिंह नंगली ने प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक ढुलमुल रवैये पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमृतसर में सिंथेटिक दूध और नकली पनीर के बढ़ते धंधे को रोकने में स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। मुट्ठी भर लोग चंद पैसों के लालच में जनता की सेहत से खिलवाड़ कर उन्हें बीमारी रूपी जहर परोस रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग असली दोषियों को पकड़ने के बजाय सिर्फ कागजी खानापूर्ति करता है और डेयरी कांप्लेक्स के ईमानदार मालिकों को बेवजह परेशान कर अपनी पीठ थपथपाता है।

चेकिंग के नाम पर औपचारिकता बंद हो, अब लगातार चलेगा आंदोलन

डेयरी यूनियन के नेताओं ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि नकली डेयरी प्रोडक्ट्स के खिलाफ उनका यह आंदोलन अब थमने वाला नहीं है। यह तब तक जारी रहेगा जब तक कि प्रशासन बड़े मिलावटखोरों को सलाखों के पीछे नहीं भेज देता। उन्होंने मांग की कि स्वास्थ्य विभाग को केवल त्योहारी सीजन में जागने के बजाय सालभर रूटीन चेकिंग करनी चाहिए। शहर की सीमाओं पर दूध और पनीर लेकर आने वाले वाहनों की सख्त नाकेबंदी कर गहन जांच की जाए, तो इस अवैध धंधे की कमर आसानी से तोड़ी जा सकती है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बख्शीश सिंह, वरिंदर सिंह, दिलबाग सिंह समेत कई प्रमुख डेयरी संचालक मौजूद रहे।

सहायक कमिश्नर का दावा- मिलावटखोरों के खिलाफ जल्द शुरू होगा विशेष अभियान

दूसरी ओर, डेयरी मालिकों के इस उग्र प्रदर्शन के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग भी हरकत में आता दिख रहा है। विभाग के सहायक कमिश्नर राजिंदर पाल सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी टीमें केवल त्योहारों पर ही नहीं, बल्कि आम दिनों में भी औचक निरीक्षण करती हैं। उन्होंने माना कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही दूध-पनीर के जल्दी खराब होने और बाजार में मिलावट की शिकायतें काफी बढ़ जाती हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि आम जनता तक शुद्ध खाद्य सामग्री पहुंचाने और मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए बहुत जल्द एक बड़े स्तर पर विशेष अभियान की शुरुआत की जाएगी।