- इस बार कई बच्चों ने पास की दसवीं, बारहवीं की परीक्षा

गाजियाबाद। कहते हैं हौसले की कोई उम्र नहीं होती। कुछ ऐसा ही जज्बा है नेहरू नगर सेकेंड-बी निवासी 72 साल की आशा गुप्ता का, जो इस उम्र में भी बच्चों को निशुल्क पढ़ा रही हैं। पिछले 40 सालों से वह निस्वार्थ भाव से यह काम कर रही हैं। उन्हें लोग बुआ कहते हैं। उनका कहना है कि सबसे बड़ा दान विद्या दान होता है, इससे बड़ा संसार में कुछ नहीं है। उनका दावा है कि वह अभी तक एक हजार से अ​धिक बच्चों को ​शिक्षा दान दे चुकी हैं। अ​धिकतर बच्चे उनसे डाउट्स पूछने आते हैं।

इस बार उनके पढ़ाए कई बच्चे दसवीं और 12वीं में अच्छे अंकों से पास हुए हैं। कन्या वैदिक इंटर कॉलेज में आशा बतौर सहायक अध्यापिका 1976 में नियुक्त हुईं। तबसे वह लगातार जरूरतमंद बच्चों को पढ़ा रही हैं। 2016 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी उनका यह जज्बा जारी है। सबसे बड़ी बात यह है कि वह विज्ञान की शिक्षिका होने के बावजूद हर विषय पढ़ाती हैं। उनका कहना है कि आप पढ़कर सारे विषय समझ सकते हैं और पढ़ा सकते हैं। हाल ही में आए यूपी बोर्ड के नतीजे में उनका पढ़ाया 10वीं का छात्र बिलाल (शंभू दयाल स्कूल), सुशीला इंटर कॉलेज की 12वीं की छात्रा निधि सैनी और सनातन धर्म इंटर कॉलेज का पीसीबी का 12वीं का छात्र प्रतीक सैनी अच्छे नंबर से पास हुए हैं। उन्होंने हाल ही में एमबी गर्ल्स इंटर कॉलेज और सनातन धर्म के टॉपर्स बच्चों को सम्मानित भी किया। वह बच्चों को माता-पिता, सास-ससुर के नाम से सम्मानित करती हैं। उनका कहना है कि हमारे बड़ों का आशीर्वाद हमेशा हमारे ऊपर होता है। उनके दरवाजे 24 घंटे जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई के लिए खुले होते हैं। उनका कहना है कि अंतिम सांस तक वह यह ज्ञान बांटने का पुण्य काम करती रहेंगी।