गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से रविवार को आयोजित हुई सम्मिलित राज्य/ प्रवर अधीनस्थ सेवा (प्रारंभिक) और सहायक वन संरक्षक/क्षेत्रीय वन अधिकारी सेवा (प्रारंभिक) की परीक्षा में जिले में पहली पाली में 64 और दूसरी में 65 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। केवल 35 प्रतिशत विद्यार्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। 21 केंद्रों पर यह परीक्षा गहन जांच और कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव के अनुसार परीक्षा के लिए कुल 9600 विद्यार्थी पंजीकृत थे। पहली पाली में 3466 परीक्षार्थी उपस्थित और 6134 अनुपस्थित रहे। केंद्रों पर केवल 36.10 प्रतिशत की परीक्षा देने पहुंचे। दूसरी पाली में 3430 छात्र उपस्थित और 6170 अनुपस्थित रहे। 35.73 प्रतिशत बच्चों ने परीक्षा छोड़ दी। अन्य जिलों में भी इतने ही विद्या​​र्थियों ने परीक्षा छोड़ी। इससे पहले हुए आरओ के एग्जाम में भी 65 प्रतिशत छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ी दी। वह परीक्षा लीक होने के कारण दो बार रद्द होने के बाद आयोजित हुई थी, उसे  शायद इसलिए छोड़ा हो लेकिन इस बार ऐसा नहीं था। समय पर परीक्षा होने के बाद भी बड़ी कक्षा में परीक्षार्थी पेपर देने नहीं पहुंचे। जानकारों  की मानें तो परीक्षा केंद्र दूर होने और तैयारी न होने पर परीक्षा छोड़ते हैं। हालांकि जानकार ये भी मानते हैं कि पिछले कुछ सालों से लगातार पेपर लीक होने की घटनाओं के कारण भी छात्रों का भरोसा सरकारी परीक्षाओं पर कम हुआ है। इस कारण परीक्षा छोड़ने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। पहले भी कई बार 30 से 40 प्रतिशत बच्चे परीक्षा छोड़ देते थे, पर कुछ सालों में इस आंकड़े में बेतहाशा वृदि्ध हुई है। निजी कंपनियों से पेपर बनवाना भी छात्रों को रास नहीं आ रहा है। इसके कारण प्रश्नोत्तर में काफी गड़​बड़ियां होती हैं।

परीक्षा में करंट अफेयर्स के प्रश्नों ने उलझाया
पलवल से आंबेडकर रोड स्थित सनातन धर्म इंटर कॉलेज में परीक्षा देने पहुंचे नाजिम खान ने बताया कि पेपर काफी लंबा था। 200 अंक के पहले पेपर में नेगेटिव मार्किंग थी। इसमें जीके, इतिहास, विज्ञान, भूगोल, करंट अफेयर्स से संंबंधित प्रश्न पूछे गए। जिसमें जीके और करंट अफेयर्स के प्रश्नों ने काफी उलझाया। गौतम मेहरा ने कहा कि मूंज प्रोडक्ट क्या है और यह किस योजना से संबंधित है, इस सवाल का उत्तर नहीं आया। ज्योति ने बताया कि निम्न विद्रोहों पर विचार कीजिए और उन्हें काल अनुसार क्रम से लगाइए, इस प्रश्न के वैकल्पिक उत्तर पबना, नील, कूका, सन्यासी आदि ने उलझाया। श्वेता ने बताया कि यूपी में देवीपाटन किस जिले का हिस्सा है, इसने परेशान किया। पवन ने कहा कि पिछले साल से पेपर आसान रहा। शाम की पाली में हिंदी, अंग्रेजी, रीजनिंग,, इंटर पर्सनल स्किल के 200 अंकों के प्रश्न पूछे गए। पेपर काफी गहराई से आया था, लेकिन टफ नहीं कह सकते। यह क्वॉलीफाइंग परीक्षा होती है। इसके अंक नहीं जुड़ते।


आरओ परीक्षा में भी कम पहुंचे थे परीक्षार्थी
जुलाई महीने में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित की गई समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी की परीक्षा में भी 65 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ी थी। इसमें भी केवल 35 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही इसमें उपस्थित हुए थे। कुल 23,832 पंजीकृत छात्रों में से 8,342 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। 15,490 बच्चे अनुपस्थित रहे।