तीन क्विंटल का गेट बच्चों पर गिरा, चार साल की बच्ची की मौत; भाई घायल
ओंकारेश्वर। मध्य प्रदेश के तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर के समीप स्थित शिवाकोटी हेलीपैड परिसर में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। हेलीपैड की बाउंड्री वॉल पर लगा लगभग तीन क्विंटल वजनी भारी-भरकम लोहे का गेट अचानक बच्चों के ऊपर आ गिरा। इस दिल दहला देने वाली दुर्घटना में चार वर्षीय मासूम दिव्या की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उसका भाई यश गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
खेल-खेल में अचानक ढह गया भारी गेट
शनिवार दोपहर दिव्या, उसका भाई यश और कुछ अन्य बच्चे हेलीपैड के पीछे बाउंड्री के पास खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक गेट के रोलर के नट-बोल्ट निकल गए, जिससे संतुलन बिगड़ने पर तीन क्विंटल वजनी लोहे का गेट बच्चों के ऊपर आ गिरा। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण दोनों भाई-बहन मौके पर ही लहूलुहान होकर बेहोश हो गए।
युवकों की सूझबूझ से बाहर निकाले गए बच्चे
हादसे के वक्त पास ही क्रिकेट खेल रहे शुभम, गणेश, अविनाश, सतीश और विजय सहित अन्य स्थानीय युवाओं ने तुरंत दौड़कर मौके पर मोर्चा संभाला। इन युवकों ने किसी तरह भारी-भरकम गेट को उठाकर बच्चों को उसके नीचे से बाहर निकाला और उनके परिजनों को तुरंत सूचना दी। दोनों घायलों को फौरन ओंकारेश्वर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत के चलते उन्हें सनावद रेफर कर दिया गया। सनावद में इलाज के दौरान दिव्या ने दम तोड़ दिया, वहीं यश की स्थिति में सुधार होने पर उसे घर भेज दिया गया।
परिजनों ने निर्माण गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल
मृतका की परिजन और चाचा सुनील ठाकुर ने हेलीपैड परिसर में लगे गेट की मजबूती और निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यह बाउंड्री और गेट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओंकारेश्वर आगमन के दौरान लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार कराए गए थे, जो बच्चों के मामूली संपर्क से ही गिर गए। इसके अलावा परिजनों ने स्थानीय सिविल अस्पताल में एंबुलेंस मिलने में हुई देरी और आपातकालीन चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को लेकर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की है।
जिम्मेदार विभागों और पुलिस का पक्ष
पीडब्ल्यूडी खंडवा के कार्यपालन यंत्री नरेंद्र सिंह मंडलोई ने गेट की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कमी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि निर्माण निर्धारित मानकों के तहत हुआ था और राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान भी वहां से कई भारी वाहन गुजरे थे। उन्होंने आशंका जताई कि बच्चों के गेट पर झूलने या खींचने से उस पर अत्यधिक दबाव पड़ा होगा। वहीं, मांधाता थाना प्रभारी अनोख सिंधिया ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर इस पूरे मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।