पालघर। दही-हांडी के दौरान घायल गोविंदा के इलाज को लेकर निजी अस्पताल में की गई बर्बर तोड़फोड़ और स्टाफ के साथ मारपीट के मामले में पालघर पुलिस ने शुक्रवार को शिवसेना विधायक के बेटे सहित 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के पांच दिन बाद हुई इस कार्रवाई से पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुलिस जांच के ढुलमुल रवैये पर कड़ी फटकार लगाई थी। अदालत ने पुलिसिया कार्रवाई को दिखावटी करार देते हुए इसे आरोपियों को लाभ पहुंचाने की नीयत से की गई जांच बताया था।

विधायक के बेटे समेत 14 गिरफ्तार, 22 पर मुकदमा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को हुई धरपकड़ में क्षेत्रीय विधायक राजेंद्र गावित के बेटे रोहित गावित सहित 14 आरोपियों को दबोचा गया है। इस पूरे मामले में अब तक 22 नामजद व अन्य उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जा चुकी है। इससे पहले 7 सितंबर को पुलिस ने शिवसेना के पालघर शहर प्रमुख राहुल घरात को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद राजनीतिक दबाव के चलते पार्टी ने उसे निलंबित कर दिया था।

हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी: जांच केवल दिखावा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान पालघर पुलिस की अब तक की कार्यशैली को बेतुका और गंभीर खामियों से भरा बताया। अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई पूरी तरह औपचारिक और सतही प्रतीत होती है, जिसे इस तरह अंजाम दिया जा रहा है जिससे अंततः दोषियों को कानूनी फायदा मिल सके। अदालत ने मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

अस्पताल में तांडव: डॉक्टरों से मारपीट, आईसीयू से मरीज ले भागे

घटनाक्रम 5 सितंबर की देर रात का है, जब शिवसेना से जुड़े कार्यकर्ताओं का एक हुजूम पालघर स्थित 'रिलीफ अस्पताल' में जबरन घुस गया। अस्पताल में दही-हांडी उत्सव में घायल हुए कुछ गोविंदाओं का उपचार चल रहा था। प्रदर्शनकारियों ने अत्यधिक चिकित्सा शुल्क वसूलने का आरोप लगाते हुए परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। उपद्रवियों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों को धमकाया, मेडिकल स्टाफ की बेरहमी से पिटाई की और सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर आईसीयू से एक गंभीर रूप से घायल मरीज को जबरन अपने साथ बाहर ले गए।