मुंबईबॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान के आवास में जबरन घुसपैठ, चोरी के प्रयास और हमले के मामले में आरोपी 31 वर्षीय शरीफुल इस्लाम को सत्र अदालत से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने आरोपी की ओर से गुनाह कबूल करते हुए सजा में नरमी बरतने (प्ली बारगेनिंग/दोष स्वीकारोक्ति) की अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद अब आरोपी के खिलाफ सशस्त्र डकैती और लूटपाट के गंभीर आरोपों के तहत नियमित आपराधिक ट्रायल चलाया जाएगा।

दोष स्वीकार कर सजा घटाने की अर्जी नामंजूर

सत्र अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी शरीफुल इस्लाम ने अदालत के समक्ष अपना अपराध स्वीकार करने की पेशकश की थी और कम सजा देने की मांग उठाई थी। हालांकि, अदालत ने अपराध की गंभीरता और सशस्त्र हमले से जुड़े आरोपों को देखते हुए इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। अब अभियोजन पक्ष को आरोपी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को नियमित अदालती कार्यवाही और गवाहियों के जरिए साबित करना होगा।

सरकारी खर्चे पर वकील की पेशकश, वकीलों की मौजूदगी पर संशय

वर्चुअल माध्यम से हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी को उसके कानूनी अधिकारों से अवगत कराते हुए कहा कि यदि वह सक्षम नहीं है, तो सरकारी खर्च पर विधिक सेवा (लीगल एड) के माध्यम से वकील की सुविधा ले सकता है। सुनवाई के दौरान अदालत कक्ष में तीन वकील आरोपी की ओर से पैरवी के लिए खड़े हुए, लेकिन आरोपी ने स्पष्ट किया कि उसने इन अधिवक्ताओं को नियुक्त नहीं किया है। न्यायिक रिकॉर्ड के अवलोकन से सामने आया कि 'लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल सिस्टम' का एक वकील पहले से ही एक अन्य अदालत में आरोपी का प्रतिनिधित्व कर रहा है।