बिजली बिल के 12 करोड़ बकाया, विद्युत विभाग ने अंबिकापुर नगर निगम पर की बड़ी कार्रवाई
अंबिकापुर। नगर निगम पर बिजली विभाग का लगभग 12 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बिजली बिल बकाया हो गया है, जिसके चलते विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए प्रशासनिक भवन और जरूरी सेवाओं को छोड़कर 24 स्थानों की बिजली काट दी है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से गांधी स्टेडियम, इंडोर स्टेडियम, स्पोर्ट्स हॉस्टल और तरणताल जैसी प्रमुख खेल गतिविधियां पूरी तरह से प्रभावित हो गई हैं।
सालों से लंबित है भुगतान
आर्थिक संकट का सामना कर रहे नगर निगम का कई वर्षों से बिजली बिल का भुगतान नहीं हुआ था, जिससे यह बकाया बढ़कर 12 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। महापौर मंजूषा भगत ने इस स्थिति के लिए पिछली कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पूर्व में बिल का भुगतान न होने से यह राशि लगातार बढ़ती गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि धीरे-धीरे बकाये का भुगतान किया जा रहा है और सेवाएं जल्द ही सामान्य कर दी जाएंगी।
किश्त चुकाने में असमर्थता पर विभाग की सख्ती
विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता के अनुसार, निगम को बकाया राशि चार किस्तों में चुकाने की मोहलत दी गई थी, लेकिन पहली किस्त की समय-सीमा भी बीत चुकी है। अब विभाग ने बकाये के साथ तीन महीने का प्री-पेड एडवांस भुगतान करने की शर्त रखी है। इसके अलावा, रिंग रोड की स्ट्रीट लाइटें और अन्य स्थान भी विभाग के रडार पर हैं। हालांकि, पानी जैसी बुनियादी और आपातकालीन सेवाओं को बिजली कटौती के दायरे से बाहर रखा गया है।
जिला प्रशासन की मध्यस्थता जारी
विभिन्न संस्थानों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप न हो, इसके लिए जिला प्रशासन बिजली कंपनी के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर रहा है और कुछ जगहों पर बिजली बहाल भी कराई गई है। बहरहाल, नगर निगम इस बड़े वित्तीय संकट से कैसे उबरेगी और बंद पड़ी सार्वजनिक सुविधाएं कब तक पूरी तरह सुचारू हो पाएंगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।