छोटी महानदी पुल को लेकर हाईकोर्ट का कड़ा रुख, चार साल से बंद पुल की होगी मरम्मत
कटनी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने करीब चार साल से बंद पड़ी छोटी महानदी पुल को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कर पुल की आवश्यक मरम्मत कराने और इसे आवागमन के योग्य बनाने के निर्देश दिए हैं। सतना-मैहर-उमरिया मार्ग पर स्थित इस महत्वपूर्ण पुल के लंबे समय से बंद रहने के कारण आसपास के क्षेत्रों और इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के मुख्य बिंदु
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याचिका और तर्क: हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच में इस मामले पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता अधिवक्ता ब्रह्ममूर्ति तिवारी ने कोर्ट को बताया कि निर्माण की खराब गुणवत्ता के कारण यह पुल 7 दिसंबर 2022 से क्षतिग्रस्त होने के बाद से बंद है, जिससे 4 जिलों की कनेक्टिविटी प्रभावित हो रही है और लोगों को लंबा सफर तय करना पड़ रहा है।
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पूर्व के निर्देश: पिछली सुनवाई (8 अप्रैल 2026) में कोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया था कि क्या मौजूदा पुल की मरम्मत कर इसे सुरक्षित बनाया जा सकता है, अथवा इसके विकल्प के तौर पर क्या व्यवस्था है।
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सरकार का पक्ष: हालिया सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि छोटी महानदी पुल की मरम्मत का जिम्मा मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPRDC) को सौंप दिया गया है। ठेकेदार नियुक्त करने के लिए एनआईटी (NIT) भी जारी की जा चुकी है।
कोर्ट का अंतिम आदेश
सरकार की ओर से दी गई जानकारी पर संतोष जताते हुए डिवीजन बेंच ने निर्देश दिए कि टेंडर प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए और पुल की आवश्यक मरम्मत का काम जल्द से जल्द शुरू कराया जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुल को पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में लाकर सतना-मैहर-उमरिया मार्ग को दोबारा मोटरेबल (आवागमन योग्य) बनाया जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके। इन निर्देशों के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया है।