चंडीगढ़। जालंधर में गुलजार आत्महत्या मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए डीसी दफ्तर के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली। जालंधर के साथ-साथ बठिंडा और पठानकोट में भी कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

जालंधर डीसी दफ्तर के बाहर हंगामा और धक्का-मुक्की

गुलजार आत्महत्या मामले में इंसाफ की मांग को लेकर सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया।

  • मुख्य गेट बंद और धक्का-मुक्की: कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर प्रशासन ने दफ्तर का मुख्य गेट बंद कर दिया, जिससे गुस्साए कांग्रेसी गेट फांदकर अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। इस दौरान पुलिस के साथ हुई हल्की धक्का-मुक्की से माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।

  • शांतिपूर्ण धरना और ज्ञापन: पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद नेताओं ने कार्यकर्ताओं को शांत किया, जिसके बाद सभी ने वहीं बैठकर नारेबाजी की। अंत में विधायक सुखविंदर कोटली, लाडी शेरोवालिया और राजिंदर बेरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।

बठिंडा और पठानकोट में वित्त मंत्री का पुतला दहन

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के निर्देश पर राज्य के अन्य जिलों में भी उग्र प्रदर्शन किए गए:

  • बठिंडा: जिला कांग्रेस शहरी अध्यक्ष राजन गर्ग की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय के समीप प्रदर्शन कर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का पुतला जलाया। साथ ही मुख्यमंत्री और डीजीपी के नाम एसएसपी को मांगपत्र सौंपकर गुलजार सिंह मामले की निष्पक्ष जांच और मंत्री की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें नामजद करने की मांग की।

  • पठानकोट: यहां भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय के बाहर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का पुतला फूंका और एसएसपी मनप्रीत सिंह को वित्त मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए मांग पत्र सौंपा।