जाति की दीवार टूटी, मौत के बाद भी साथ रहीं दो सहेलियां; एक ही कब्र में दफन
गया। जिले के गुरुआ प्रखंड के नवावचक गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां तालाब में डूबने से दो मासूम गहरी सहेलियों की मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद दोनों अलग-अलग जातियों से ताल्लुक रखने वाले परिवारों ने समाज के सामने इंसानियत और दोस्ती की एक ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है।
स्कूल से लौटते वक्त हुआ दर्दनाक हादसा
मनोज चौधरी की 13 वर्षीय पुत्री सुप्रिया कुमारी और अमरेन्द्र यादव की 13 वर्षीय पुत्री सुहानी कुमारी आपस में पक्की सहेली थीं।
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पैर फिसलने से डूबीं: रोज की तरह स्कूल से घर लौटते समय दोनों रास्ते में एक तालाब के पास अपने पैर धोने के लिए रुकीं। इसी दौरान एक बच्ची का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई।
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बचाने की कोशिश में गई जान: अपनी सहेली को बचाने के चक्कर में दूसरी बच्ची भी पानी में उतर गई, और दोनों गहरे पानी में डूब गईं। काफी प्रयासों के बाद जब उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
जाति के बंधनों से परे, एक ही कब्र में दी अंतिम विदाई
घटना के बाद दोनों परिवारों ने जो फैसला किया, उसने सभी को भावुक कर दिया। एक बच्ची चौधरी परिवार से थी और दूसरी यादव परिवार की बेटी थी।
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परिवारों ने जातिगत भेदभाव को पूरी तरह दरकिनार कर अपनी बेटियों की अटूट दोस्ती को अमर बनाने का निर्णय लिया।
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परिजनों और ग्रामीणों की सहमति से दोनों सहेलियों को एक ही कब्र में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। इस घटना ने समाज को यह गहरा संदेश दिया है कि जिन मासूमों की दोस्ती में कभी जाति की दीवार नहीं थी, वह इंसानी समाज के लिए आपसी प्रेम और सामाजिक सौहार्द का एक अनूठा सबक छोड़ गई है।