बारिश का मौसम कुत्तों के लिए बढ़ा सकता है परेशानी, गंदे पानी से कई खतरे
बिलासपुर। बरसात के मौसम में इंसानों की तरह पालतू कुत्तों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है। नमी, गंदा पानी और खान-पान में लापरवाही के कारण उनमें पेट खराब होने, उल्टी-दस्त और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, इस मौसम में कुत्तों का ब्रीडिंग सीजन होने के कारण आपसी झड़प और चोट लगने की घटनाएं भी आम हो जाती हैं। बिलासपुर जिला पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सक डॉ. राम ओत्तलवार ने इस मौसम में पालतू कुत्तों की विशेष देखभाल को लेकर महत्वपूर्ण सलाह दी है।
खान-पान और पाचन संबंधी सावधानियां
बरसात के दिनों में कुत्तों का पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है, जिससे उन्हें निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:
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उल्टी और दस्त: खाना ठीक से न पचने के कारण यह सबसे आम समस्या है, जो छोटे पिल्लों से लेकर वयस्क कुत्तों तक में देखी जाती है।
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उबला हुआ भोजन: कुत्तों को हमेशा आसानी से पचने वाला और पौष्टिक उबला हुआ भोजन दें। उन्हें तेल या मिर्च-मसाले वाली चीजें बिल्कुल न खिलाएं।
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उबला पानी: कुत्तों को हमेशा साफ और उबालकर ठंडा किया हुआ पानी पिलाएं, ताकि पानी में मौजूद बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण को रोका जा सके।
वायरल संक्रमण और टीकाकरण
बरसात के मौसम में कुत्तों को डिस्टेंपर और हेपेटाइटिस जैसे गंभीर वायरल संक्रमण अपनी चपेट में ले सकते हैं। इन जानलेवा बीमारियों से अपने पालतू जानवर को सुरक्षित रखने के लिए पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार समय पर टीकाकरण (Vaccination) कराना अनिवार्य है।
ब्रीडिंग सीजन और रेबीज का खतरा
डॉ. राम ओत्तलवार के अनुसार, बरसात के दौरान कुत्तों का ब्रीडिंग सीजन होने के कारण उनके बीच आपसी लड़ाई की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं: