फंड बंटवारे से नाराज शिंदे गुट के विधायक भावुक, मंत्रियों के सामने छलके आंसू
मुंबई:महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में जिला नियोजन समिति (DPC) के फंड के असमान बंटवारे को लेकर महायुति गठबंधन के भीतर चल रहा असंतोष अब सतह पर आ गया है। शिवसेना (शिंदे गुट) के विधान परिषद सदस्य (MLC) चंद्रकांत रघुवंशी पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर ही भावुक हो गए और वरिष्ठ मंत्रियों के सामने उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
फंड के असमान वितरण पर छलके आंसू
नंदुरबार में आयोजित शिवसेना कार्यकर्ता मार्गदर्शन सभा के दौरान बोलते हुए विधान परिषद सदस्य चंद्रकांत रघुवंशी ने डीपीसी फंड के आवंटन पर खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उनके हिस्से में बहुत कम फंड आएगा, तो वे अपने क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के विकास कार्यों को कैसे पूरा कर पाएंगे। रघुवंशी ने मंच पर मौजूद शिवसेना के वरिष्ठ मंत्री उदय सामंत और गुलाबराव पाटील से अपील की कि वे इस मामले में उच्च स्तर पर हस्तक्षेप करें और पार्टी के आधार पर न्यायसंगत फंड आवंटन का फॉर्मूला तय करवाएं।
शिवसेना मंत्रियों की दो टूक: अन्याय बर्दाश्त नहीं
रघुवंशी के भावुक होने के बाद मंच से बोलते हुए कैबिनेट मंत्री और शिवसेना नेता गुलाबराव पाटील ने महायुति के सहयोगी दलों (भाजपा और एनसीपी) को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि गठबंधन के साथी दल उनके कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय करेंगे, तो इसे कतई सहन नहीं किया जाएगा। पाटील ने कहा, "मैं खुद जलगांव का पालक मंत्री हूं और वहां सभी जनप्रतिनिधियों को समान फंड देता हूं। नंदुरबार में भी हमारे विधायकों को उनका हक मिलना चाहिए।"
क्या है विवाद की असल जड़?
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फंड का फॉर्मूला: नंदुरबार में शिवसेना के दो विधायक हैं—विधानसभा से आमश्या पाडवी और विधान परिषद से चंद्रकांत रघुवंशी। तय फॉर्मूले के तहत उनके हिस्से में कम राशि आने का आरोप लगाया जा रहा है।
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पालक मंत्री की भूमिका: वर्तमान में नंदुरबार जिले के पालक मंत्री राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता हसन मुश्रीफ हैं, जिसके चलते फंड वितरण को लेकर महायुति के भीतर खींचतान बढ़ गई है।