मुंबई:महाराष्ट्र के मीरा रोड स्थित सेवेन स्क्वेअर एकेडमी स्कूल द्वारा जैन धर्म के पर्युषण पर्व को लेकर जारी किए गए एक कथित सर्कुलर पर राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है। अभिभावकों के व्हाट्सऐप ग्रुप पर भेजे गए इस संदेश में पर्व के दौरान बच्चों के टिफिन में प्याज, लहसुन, आलू और चुकंदर जैसी कंदमूल (जमीन के नीचे उगने वाली) चीजें न भेजने का अनुरोध किया गया है। साथ ही स्कूल कैंटीन में भी इस अवधि के दौरान इन सब्जियों का उपयोग न करने की बात कही गई है। बता दें कि यह स्कूल भाजपा के स्थानीय नेता व पूर्व विधायक नरेंद्र मेहता का है।

संजय राउत का तीखा हमला: 'लव जिहाद से भी गंभीर मामला'

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर सरकार और भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 8 से 16 सितंबर तक चलने वाले पर्युषण पर्व के नाम पर बच्चों के खान-पान पर बंदिशें लगाना लव जिहाद से भी भयंकर मामला है। राउत ने सवाल उठाया कि मुंबई में मराठी मानुष को कैसे रहना है और क्या खाना है, क्या अब यह भी दूसरे लोग तय करेंगे? उन्होंने पूछा कि क्या 106 शहीदों के बलिदान से बने महाराष्ट्र में इस तरह का सांस्कृतिक हमला बर्दाश्त किया जाएगा?

मनसे ने दर्ज कराई शिकायत, भाजपा नेता की सफाई

राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने इस मामले को लेकर सीधे शिक्षा विभाग का रुख किया है और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मनसे का आरोप है कि अपनी धार्मिक मान्यताओं को बच्चों पर थोपा जा रहा है।

दूसरी ओर, विवाद बढ़ता देख भाजपा नेता नरेंद्र मेहता ने सफाई जारी करते हुए कहा कि स्कूल प्रशासन ने किसी भी छात्र या अभिभावक पर कोई सख्ती या दबाव नहीं बनाया है। पर्युषण पर्व के पवित्र दिनों में सात्विक भोजन के महत्व को देखते हुए केवल एक विनम्र निवेदन किया गया था।

शहर में दो दिन मांस बिक्री पर भी रोक

गौरतलब है कि मीरा-भायंदर क्षेत्र में जैन समुदाय की अच्छी-खासी आबादी निवास करती है। स्थानीय नगर निगम प्रशासन द्वारा भी पर्युषण पर्व के सम्मान में शहर में दो दिनों के लिए मांस और स्लॉटर हाउस (कसाईखानों) की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाता है।