एजेंसी। अगर कुछ करने का हौसला हो तो आप बड़ा बदलाव ला सकते हो। ऑस्ट्रेलिया में एक महिला ने खाली पड़े खेत को जंगल में बदल ​दिया। आज यह 75 से ज्यादा जीवों की प्रजातियों का घर बन चुका है। हर कोई महिला की तारीफ करते नहीं थक रहा है। उसने प्रकृति संरक्षण की मिसाल पेशकर हर किसी को चौका दिया है। करीब 10 साल तक मेहनत कर उसने 1 लाख 19 हजार से ज्यादा पेड़ लगाए और धीरे-धीरे पूरी जमीन का रूप बदल गया। 
यह महिला हैं, ऑस्ट्रेलिया की एनी शोएनबर्गर। जिन्होंने जमीन खरीदी तो उनका मकसद बिल्कुल अलग था। उन्होंने ऐसी जगह पर जंगल बसाने का सपना देखा, जहां कभी गन्ने की फसल हुआ करती थी। साल 2014 में एनी ने क्वींसलैंड में गन्ने की कटाई के बाद खाली पड़े करीब 18 एकड़ जमीन के एक बड़े हिस्से को खरीदा। उस वक्त शायद ही किसी ने सोचा होगा कि आने वाले कुछ सालों में यह जमीन अपना पूरा रूप बदल लेगी। जहां दूर-दूर तक खाली जमीन नजर आती थी, वहां एक दिन घना वर्षावन बन जाएगा और हजारों जीवों को घर मिल जाएगा।
खाली खेत पर शुरू की जंगल उगाने की मुहिम
एनी ने जमीन खरीदने के बाद वहां कोई निर्माण नहीं किया, बल्कि पेड़ लगाने का काम शुरू किया। साल 2015 से जमीन को दोबारा हरा-भरा करने की कोशिश शुरू हुई। इसके लिए नाइटविंग्स रेनफॉरेस्ट सेंटर की मदद ली और धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोग इस मुहिम से जुड़ते चले गए। यह काम किसी एक दिन या एक मौसम में पूरा होने वाला नहीं था। पौधे लगाने के   साथ उनकी देखभाल करना, जमीन को दोबारा जंगल के अनुकूल बनाना और लंबे समय तक इस काम को जारी रखना भी जरूरी था। एनी को इस सफर में सैकड़ों वालंटियर्स का साथ मिला।
140 से ज्यादा वालंटियर्स ने मिलकर एक साल में करीब 3,300 पेड़ लगाए। ऐसे ही लगातार कई वर्षों तक पौधे लगाए जाते रहे। धीरे-धीरे खाली पड़ी जमीन पर हरियाली बढ़ती गई और छोटे-छोटे पौधे पेड़ों में बदलने लगे। एक दशक की मेहनत के बाद यहां पेड़ों की संख्या बढ़कर 1,19,000 से ज्यादा हो गई। अब यह जंगल का रूप ले चुका है।