पटना। जिले के बाढ़ थाना अंतर्गत बेढ़ना गांव के सैदपुर टोला में एक कमरे के भीतर पार्टी कर रहे चार युवकों की संदिग्ध मौत के मामले ने पुलिस और फॉरेंसिक टीम को उलझा कर रख दिया है। शुरुआती जांच में इसे जहरीली शराब से हुई मौत माना जा रहा था, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट और घटना के त्वरित लक्षणों ने पूरे मामले को एक गंभीर साजिश और विष दिए जाने की ओर मोड़ दिया है। पुलिस ने इस संबंध में तीन युवकों को हिरासत में लिया है, जबकि कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

जहरीली शराब नहीं, घातक जहर के लक्षण मिले

चिकित्सकों और जांच अधिकारियों के अनुसार, जहरीली शराब के सेवन से होने वाली मौतों में आमतौर पर पेट फूलना, अंधापन और धीरे-धीरे अंगों का काम बंद होना जैसे लक्षण दिखते हैं। हालांकि, इस मामले में पहला पैग लेने के महज 10 से 15 मिनट के भीतर दो युवकों ने दम तोड़ दिया, जबकि बाकी दो ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में प्राण त्याग दिए। मुंह से अत्यधिक झाग निकलना और कुछ ही मिनटों में जान चले जाना किसी अत्यंत घातक रासायनिक जहर की ओर इशारा करता है।

एफएसएल जांच के लिए भेजे गए खाने-पीने के नमूने

पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने प्राथमिक रूप से विषैले तत्व के असर की पुष्टि की है:

  • बिसरा और खाद्य सामग्री जब्त: शवों के बिसरा के अलावा घटनास्थल से बरामद शराब की बोतलें, खाली टेट्रा पैक, इस्तेमाल किए गए ग्लास तथा बनी हुई मछली और रोटी को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (FSL) भेजा गया है।

  • जांच का दायरा: FSL रिपोर्ट के जरिए यह स्पष्ट किया जाएगा कि जहर शराब में मिलाया गया था, पानी में या फिर खाने की वस्तु में।

मछली पार्टी और जिंदा बचे पांचवें युवक पर गहराया शक

घटनाक्रम के अनुसार, पार्टी में शशि, निशु, पंकज सिंह और मछली बनाने आया उनका दोस्त बिकास राम शामिल थे। इनके साथ लाली नामक एक पांचवां युवक भी पार्टी में मौजूद था। घटना के वक्त लाली यह कहकर बाहर निकला कि वह सिगरेट पीने गया था और लौटने पर उसने चारों को तड़पते देखा। कमरे से पांचवां ग्लास भी जस का तस बरामद हुआ है। चार मौतों के बीच लाली के सकुशल बच निकलने और मौके पर मौजूदगी के कारण पुलिस की शक की सुई उस पर टिकी हुई है।

तीन गिरफ्तार, साजिश के सभी पहलुओं की पड़ताल

पुलिस ने पूछताछ के बाद लाली सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह घटना आपसी रंजिश के तहत रची गई सुनियोजित हत्या की साजिश थी या किसी अन्य कारण से खाद्य पदार्थों में विषैला तत्व पहुंचा। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही इस रहस्यमयी घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।