वाराणसी: वाराणसी में आयोजित 'नारी शक्ति वंदन' कार्यक्रम के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया। स्मृति ईरानी ने अखिलेश के 'सास-बहू' वाले तंज का जवाब देते हुए उन्हें अपनी पैतृक सीट छोड़कर गोरखपुर जैसी किसी अन्य जगह से चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी।

अखिलेश को घेरा, अमेठी का दिया हवाला
स्मृति ईरानी ने कहा कि विरासत में मिली सुरक्षित सीटों से चुनाव लड़ना आसान है। उन्होंने अपनी मिसाल देते हुए कहा कि एक कामकाजी महिला के तौर पर उन्होंने कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष को उनके ही गढ़ अमेठी में हराया था। उन्होंने कटाक्ष किया कि जिन लोगों ने कभी नौकरी नहीं की, वे कामकाजी महिलाओं पर टिप्पणी करना आसान समझते हैं।

विरासत बनाम संघर्ष
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की मौजूदगी में स्मृति ईरानी ने कहा कि गंभीर नेताओं के पास टीवी सीरियल देखने का समय नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि सपा प्रमुख को राजनीति 'धरोहर' में मिली है, जबकि भाजपा कार्यकर्ता गांव-गांव मेहनत कर महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं।

आरक्षण बिल पर सियासत
महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के संसद में पास न हो पाने के लिए उन्होंने विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह कार्यक्रम इसी जन-जागरण अभियान का हिस्सा है।