मंडियों में भीगा 'पीला सोना': बेमौसम बरसात ने रोकी गेहूं की खरीद, उठान न होने से बढ़ी दिक्कत।
हिसार | प्रदेश में सक्रिय हुए मध्यम तीव्रता के पश्चिमी विक्षोभ ने खेती-किसानी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को हरियाणा के 17 जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं, जबकि 3 जिलों में ओलावृष्टि ने फसलों को चोट पहुंचाई है। इस अचानक आए बदलाव से मंडियों में खुले में रखा गेहूं भीग गया है, जिससे किसानों और आढ़तियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
तापमान में गिरावट, पर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें मौसम के इस मिजाज से भीषण गर्मी से तो राहत मिली है और पूरे प्रदेश में पारा 41 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है, लेकिन कृषि क्षेत्र के लिए यह नुकसानदेह साबित हो रहा है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, हिसार, दादरी और फतेहाबाद में ओले गिरे हैं। वहीं, सिरसा, भिवानी, महेंद्रगढ़, झज्जर, रोहतक और एनसीआर के इलाकों में भी बारिश दर्ज की गई है। अगले 24 घंटों में उत्तरी और पश्चिमी जिलों में हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं, जबकि 19 अप्रैल को एक और विक्षोभ दस्तक दे सकता है।
30 फीसदी फसल अब भी खेतों में जानकारों के अनुसार, प्रदेश के करीब 70 प्रतिशत हिस्सों में गेहूं की कटाई पूरी हो चुकी है, लेकिन शेष 30 प्रतिशत इलाकों में फसल अब भी खेतों में खड़ी है। इस बेमौसम बरसात से खड़ी फसल गिरने और दाने की चमक कम होने का डर है। मंडियों में उठान धीमा होने के कारण खुले में पड़ा अनाज भी बारिश की भेंट चढ़ गया है।
प्रमुख जिलों में दर्ज की गई वर्षा:
- चरखी-दादरी: 7.0 मिलीमीटर
- हिसार: 2.6 मिलीमीटर
- रोहतक: 1.0 मिलीमीटर
- सोनीपत व गुरुग्राम: 0.5 मिलीमीटर