नई दिल्ली | पूर्वी दिल्ली के निवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक अच्छी खबर है। गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में 250 बेड वाले अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर के निर्माण की योजना अंतिम चरण में है। इस महत्वपूर्ण परियोजना की 'डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट' (DPR) तैयार हो चुकी है और अब केवल प्रशासनिक मंजूरी मिलने का इंतजार है। लगभग 245 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह सेंटर यमुनापार के लाखों लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित होगा।

क्या होंगी सुविधाएं?

प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर में गंभीर मरीजों के लिए 75 आईसीयू (ICU) बेड आरक्षित होंगे। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए यहाँ एचडीयू (HDU) और आधुनिक वॉर्ड्स भी बनाए जाएंगे। सभी बेड वेंटिलेटर और लेटेस्ट मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस होंगे। साथ ही, मरीजों को तुरंत रिपोर्ट देने के लिए 24 घंटे लैब, सीटी स्कैन और एक्स-रे जैसी डायग्नोस्टिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।

हादसों में मिलेगी तत्काल राहत

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सेंटर में दो सीटी स्कैन और एक एमआरआई मशीन लगाने का प्रस्ताव है। न्यूरोसर्जरी और हड्डी रोग विशेषज्ञों की टीम यहाँ चौबीसों घंटे तैनात रहेगी, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को 'गोल्डन ऑवर' के भीतर इलाज मिल सके। इससे मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की मजबूरी कम होगी और मृत्यु दर में भी गिरावट आएगी।

पूर्वी दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती

अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। यह सेंटर न केवल गंभीर चोटों के मामलों में त्वरित उपचार सुनिश्चित करेगा, बल्कि पूर्वी दिल्ली की चिकित्सा व्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।