गाजियाबाद। नगर निगम का बढ़ा गृहकर जमा करने को लेकर 31 मार्च मंगलवार तक असमंजस की स्थिति बनी रही। जनप्रतिनिधि जहां अंतिम दिन तक बढ़ा टैक्स भरने से इंकार करते रहे तो निगम अ​धिकारी एक अप्रैल से 12 प्रतिशत ब्याज वसूलते की बात पर अड़े रहे। ऐसे में अंतिम दिन असमंजस की ​स्थिति से लोग जनप्रतिनिधियों से खासे नाराज नजर आए। अंतिम​ दिन तक अपने किए वादे को लागू न करवाने पर लोगों ने कहा कि जनप्रतिनि​​​धियों की जुबान का कोई मोल नहीं है। अ​धिकारी, नेताओं पर भारी पड़ गए। 
उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अवधेश शर्मा का कहना है कि हम आधी दाढ़ी-मूंछ के साथ 18 अप्रैल से धरना शुरू करेंगे। हर हाल में बढ़ा गृहकर न भरेंगे और न किसी को भरने देंगे। जिसने भर दिया है, उसका वापस होगा। हमारे साथ जितने लोग जुड़े हैं, किसी ने जमा नहीं किया। अभी तक केवल 30 प्रतिशत ने गृहकर भरा है, 70 प्रतिशत लोगों ने नहीं भरा है। जनता को कन्फ्यूजन करने का काम नेताओं ने किया है, जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। आरडब्ल्यूए फेडरेशन के मुख्य संरक्षक टीपीएस त्यागी (सेवानिवृत्त) का कहना है कि कुछ लोगों ने टैक्स के डर से गृहकर जरूर जमा किया, उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा, ऐसे लोग आंदोलन को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसमें कोई शक नहीं कि इस पूरे मामले में जनप्रतिनिधियों पर अधिकारी भारी पड़ गए। यह बेहद शर्म की बात है। जनता जिन पर भरोसा करती है, वह 31 मार्च तक बढ़ा गृहकर वापस नहीं करा पाए। यह उनके लिए डूब मरने की बात है। महानगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष गोपीचंद का कहना है कि अब ना निगम हाउस टैक्स भरने के लिए मुनादी कराएगा, ना बिल भेजेगा। शासन को पत्र भेज दिया गया है। तीन महीने में फैसला आएगा। हम इंतजार करेंगे। कोई टैक्स जमा नहीं कर रहा है और ना करेगा। हर हाल में पुरानी दर पर टैक्स जमा होगा। 

चुनाव में नेता गृहकर को बना सकते हैं राजनीतिक हथकंडा 

लोगों का मानना है कि नेता अभी बयानबाजी करके लोगों का बेवकूफ बनाते रहेंगे और विधानसभा नजदीक आते  ही पुरानी दर पर इसे वापस कराकर चुनाव में इसका फायदा लेना चाहेंगे। वह कहेंगे कि दे​खिए हमने शासन स्तर से पुरानी दर पर टैक्स को दोबारा लागू करवा दिया, हालांकि जनता नेताओं के इस पेंच से अच्छी तरह वाकिफ है। 

बढ़े गृहकर पर संशय के बीच प्रतिनिधिमंडल विधायक से मिला
गाजियाबाद। लाइन पार क्षेत्र वेलफेयर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को विधायक संजीव शर्मा से उनके कैंप कार्यालय पर मिला और बढ़े गृहकर को कम कराने पर विस्तार से चर्चा की। इस मौके पर उन्होंने बताया कि मेरी नगर निगम के अधिकारियों से विस्तार से बातचीत हुई है। नगर निगम के अधिकारी को लखनऊ बुलाया गया है दो-चार दिन में गृहकर का फैसला हो जाएगा, इसलिए टैक्स जमा करने की कोई जरूरत नहीं है। उनके आश्वासन के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।