सौ साल की डॉ. लक्ष्मीबाई बनीं मिसाल, महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए घर बेचकर 3.4 करोड़ रुपये एम्स को दिए दान
एजेंसी। 100 साल तक जीने की जहां लोग उम्मीद भी छोड़ देते हैं। वहीं 100 साल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर लक्ष्मीबाई ने महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपना घर बेच दिया और सारी रकम एम्स को दान कर दी।
डॉक्टर लक्ष्मीबाई के अनुसार ओडिशा में कई महिलाएं कैंसर से प्रभावित हैं, लेकिन वह सही इलाज नहीं करा पातीं। इसके लिए वह काफी कठिनाइयों का सामना करती हैं। मैंने सोचा कि मैं उनके लिए क्या कर सकती हूं, इसलिए मैंने अपना घर बेच दिया। जिससे तीन करोड़ चालीस लाख रुपये मिले। यह सारा पैसा मैंने एम्स भुवनेश्वर में महिला कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर बनाने केलिए
दे दिया। वह एक अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं और एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज, ब्रह्मपुर से प्रोफेसर के पद से रिटायर हुई। अपने करियर में उन्होंने कैंसर से पीड़ित कई महिलाओं को इलाज के अभाव में दम तोड़ते देखा, जिससे प्रेरित होकर उन्होंने यह दान दिया। आज 100 साल की उम्र में भी सक्रिय और स्वस्थ जीवन जी रही हैं, किताबें पढ़ती हैं और पूजा-पाठ करती हैं।
5 दिसंबर, 1926 को जन्मी डॉ. लक्ष्मीबाई ने 1945 में एससीबी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, कटक के पहले एमबीबीएस बैच में एडमिशन लेकर अपनी मेडिकल यात्रा शुरू की। उन्होंने 1958 में मद्रास मेडिकल कॉलेज से ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में एमडी की। इसके बाद वह नौकरी में लग गईं। वह मरीजों के प्रति अपने बेमिसाल समर्पण के लिए जानी जाती हैं। उनके पति की मृत्यु हो चुकी हैं। उनके कोई बच्चे नहीं हैं। इस पैसे से ओडिशा में महिलाओं के स्वास्थ्य, खासकर महिलाओं के कैंसर के इलाज और शोध को मजबूती मिलेगी।
एम्स भुवनेश्वर के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर दिलीप परिडा के अनुसार, यह राशि कैंसर से पीड़ित महिला मरीजों की देखभाल, शोध, प्रशिक्षण और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में खर्च की जाएगी। इसके अलावा महिलाओं को कैंसर के प्रति जागरूक करने और सर्वाइकल कैंसर वैक्सीनेशन में भी खर्च किया जाएगा। इस राशि से एक कॉर्पस फंड बनाया जाएगा। फिक्स्ड डिपॉजिट से मिलने वाला ब्याज इसी उद्देश्य के लिए खर्च किया जाएगा।