प्रतिदिन 100 रुपये कमाते थे पिता, बेटे ने दोस्त संग मिलकर खड़ी की करोड़ों की कंपनी
दिल्ली। पिता को बेहद गरीबी में देखकर हैदराबाद के
ने एक दिन लाखों कमाने का सपना देखा, जो आज पूरा हो चुका है। आज उनकी कंपनी का सालाना रेवन्यू पांच करोड़ से अधिक पहुंच चुका है। वह युवाओं के लिए एक मिसाल बन गए हैं। उन्होंने अपने दोस्त के. वमसी प्रसाद के साथ मिलकर 'कॉलेज मेंटर' नाम का एक स्टार्टअप शुरू किया। जिसका मकसद छात्रों का सही मार्गदर्शन करना है।
एम. राजा शेखर का बचपन अभावों में बीता। उनके पिता दिन के 100 रुपये कमाते थे। इससे बड़ी मुश्किल से परिवार का गुजर-बसर होता था। राजा शेखर खुद एक क्रिकेटर बनना चाहते थे। लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उन्हें खेल छोड़ शिक्षा का रास्ता चुनना पड़ा। इंजीनियरिंग के दौरान उन्होंने देखा कि भारत में एजुकेशन पोर्टल सिर्फ 'येलो पेजेस' की तरह जानकारी देते हैं। छात्रों को इनसे कुछ खास फायदा नहीं होता। इसी अनुभव और सालों तक अलग-अलग विश्वविद्यालयों में कंसल्टेंट के रूप में काम करने के बाद उन्होंने अक्टूबर 2024 में 'कॉलेज मेंटर' को लॉन्च किया। इसका मकसद है कि किसी भी छात्र को जानकारी के अभाव में अपना सपना न छोड़ना पड़े। इसी सपने के साथ एम. राजा शेखर और उनके दोस्त के. वमसी प्रसाद ने 'कॉलेज मेंटर' नाम के स्टार्टअप की शुरुआत की। यह स्टार्टअप केवल कॉलेजों की जानकारी देने वाला पोर्टल नहीं है, बल्कि आठवीं कक्षा से लेकर ग्रेजुएशन तक के छात्रों के लिए पूरा 'मेंटरशिप इकोसिस्टम' है।
अलग तरह के मॉडल से छात्रों को दी जाती है बेस्ट सुविधा
राजा शेखर ने इस स्टार्टअप की नींव अपने एक दोस्त के. वमसी प्रसाद (पूर्व गूगल प्रोफेशनल) के साथ रखी। इस स्टार्टअप की सबसे बड़ी खासियत इसका '360-डिग्री पर्सनलाइज्ड मेंटरशिप' मॉडल है। इसमें हर छात्र को छह स्पेशल मेंटर मिलते हैं। इनमें स्टूडेंट मेंटर (सीनियर की तरह गाइड), करियर मेंटर (इंडस्ट्री एक्सपर्ट), हेल्थ मेंटर (मानसिक तनाव दूर करने के लिए), एडमिशन मेंटर (फॉर्म भरने और कॉलेज चुनने के लिए), स्कॉलरशिप मेंटर और लोन मेंटर शामिल हैं। यह मॉडल सुनिश्चित करता है कि छात्र को पढ़ाई के साथ वित्तीय सहायता और मानसिक संबल भी मिले। स्टार्टअप ने 'एग्जामथन' के जरिए छात्रों में बढ़ते सुसाइड और तनाव पर भी काम करना शुरू कर दिया है।
पहले ही साल में 5 करोड़ का लाभ कमाया
शुरुआती निवेश और फ्री सर्विसेज के बावजूद राजा शेखर के स्टार्टअप ने अपने पहले ही साल में 5 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया। यह स्टार्टअप पार्टनर यूनिवर्सिटीज को योग्य छात्रों के एडमिशन लीड्स प्रदान करके अपनी कमाई करता है। भरोसे की नींव रखने के लिए इसने 'कॉलेज मेंटर स्कॉलरशिप टेस्ट' का आयोजन किया। इसमें 53,000 से ज्यादा छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया। कंपनी ने 1 करोड़ रुपये के पुरस्कार बांटे। इस वर्ष यह स्कॉलरशिप बजट बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे लाखों छात्रों को वित्तीय फायदा मिलने की उम्मीद है।
बढ़ता जा रहा लक्ष्य
वर्तमान में हैदराबाद, चेन्नई और तिरुपति जैसे शहरों में ऑफलाइन और ऑनलाइन सेंटर्स के जरिये यह स्टार्टअप अब तकनीक की ओर बढ़ रहा है। अब कंपनी एआई-आधारित मेंटरशिप टूल विकसित कर रही है। यह हर छात्र के लिए एक डिजिटल कोच की तरह काम करेगा। कंपनी का टारगेट साल 2026 के अंत तक 25 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल करना है। राजा शेखर और उनकी टीम का मानना है कि जब सही छात्र को सही मेंटर मिलेगा, तभी देश प्रगति करेगा।