30 मिनट की देरी और मशीनें फेल, दिल्ली फायर में बड़ा नुकसान
नई दिल्ली। देश की राजधानी में भीषण अग्निकांड हुआ। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बहुमंजिला आवासीय इमारत में आग लगने से एक परिवार के नौ सदस्य की मौत हो गई। जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं। तीन अन्य घायल हुए हैं, जिनमें से दो ने आग से बचने के लिए राम चौक मार्केट, पलम मेट्रो स्टेशन के पास इमारत से कूदने का प्रयास किया था। पांच मंजिला इमारत में ग्राउंड और पहली मंजिल पर कपड़ा और कॉस्मेटिक शोरूम था, जबकि शोरूम के मालिक राजेन्द्र कश्यप का परिवार दूसरी और तीसरी मंजिल पर रहता था। आग लगने की सूचना सुबह 7:04 बजे पलम गांव थाने को मिली, जिसके बाद मौके पर राहत और बचाव टीम भेजी गई। इमारत से बचाए गए लोगों में से नौ को अस्पताल में मृत घोषित किया गया। मृतकों में प्रवेश (33), कमल (39), आशु (35), लाडो (70), हिमांशी (22), दीपिका (28) और तीन लड़कियां (15 और 6 वर्ष) शामिल हैं। अनिल (32) और एक दो वर्षीय बच्ची का इलाज चल रहा है, जबकि सचिन (29) को सफदरजंग अस्पताल में 25 प्रतिशत जलन के साथ इलाज किया जा रहा है। करीब 30 फायर टेंडर और 11 एम्बुलेंस के साथ पुलिस, BSES, एयर फोर्स पुलिस और NDRF के कर्मियों को राहत और बचाव अभियान में लगाया गया। मौके से मिली वीडियो फुटेज में इमारत से धुएं के मोटे बादल उठते और आग की लपटें दिखाई दे रही थीं, जबकि दमकलकर्मी संकरी गलियों और धुएं से भरे इंटीरियर्स में प्रवेश कर लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रहे थे।अधिकारियों ने कहा कि आग को काबू में कर लिया गया है। क्षेत्र को घेर लिया गया है और फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया है। जानकारी के अनुसार, बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर कपड़े और कॉस्मेटिक का शोरूम था, जबकि ऊपर की मंजिलों पर परिवार रहता है। आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जबकि उस समय घर में सो रहे लोग गहरी नींद में थे।
तीन बच्चों सहित कुल नौ लोगों की मौत
दमकल विभाग के अनुसार, सुबह करीब 7 बजे पालम मेट्रो स्टेशन के पास गली नंबर-2 में आग लगने की सूचना मिली थी। घटनास्थल पर पहुंचने पर सात घायलों, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे, को दमकलकर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। आग लगने के शुरुआती दौर में इमारत से कूदने वाले दो लोगों को भी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इनमें से तीन बच्चों सहित कुल नौ लोगों की मौत हो गई। आग लगने की घटना सुबह लगभग 6:40 बजे हुई, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में सो रहे थे। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और धुआं पूरे मकान में फैल गया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दमकल विभाग पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दमकल विभाग की मशीनों ने काम नहीं किया था। आधे घंटे तक अग्निशमन विभाग के हाइड्रोलिक लिफ्ट ने काम नहीं किया था। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दुखद घटना में अग्निशमन सेवाओं की प्रतिक्रिया में देरी देखी गई। लोगों का कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो शायद अधिक लोगों की जान बचाई जा सकती थी। फायर ब्रिगेड को घटनास्थल पर पहुंचने में लगभग 30 से 35 मिनट की देरी हुई, जिसने बचाव कार्यों में बाधा उत्पन्न की और स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया। इस देरी ने बचाव कार्यों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए हैं।